नीरज विनोद खन्ना व अवधेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को आईएचजीएफ दिल्ली फेयर में आने का दिया निमंत्रण

नई दिल्ली। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के चेयरमैन नीरज विनोद खन्ना एवं फेयर प्रेसिडेंट अवधेश अग्रवाल ने चीफ मेंटर ईपीसीएच डॉ. राकेश कुमार की प्रेरणा से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भेंट की। इस दौरान दिल्ली के निर्यातकों के लिए मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (एमडीए) ग्रांट जैसी लाभकारी योजना शुरू करने तथा आईएचजीएफ दिल्ली फेयर में आने वाले विदेशी खरीदारों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने सहित हस्तशिल्प निर्यात से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
ईपीसीएच पदाधिकारियों के साथ दिल्ली के भाजपा विधायक अनिल गोयल एवं निर्यातक तुहिना गोयल भी मौजूद रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 13 से 17 अक्टूबर 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल), ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले आईएचजीएफ दिल्ली फेयर में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निमंत्रण सहर्ष स्वीकार करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
दिल्ली के निर्यातकों के लिए एमडीए योजना का प्रस्ताव

बैठक में ईपीसीएच चेयरमैन नीरज विनोद खन्ना एवं फेयर प्रेसिडेंट अवधेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के समक्ष दिल्ली के निर्यातकों के लिए एमडीए ग्रांट जैसी योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्यातकों को उपलब्ध कराई जा रही एमडीए ग्रांट की तर्ज पर दिल्ली में भी ऐसी योजना लागू होने से निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेने, भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों का वैश्विक बाजार में प्रचार-प्रसार करने तथा नए विदेशी खरीदारों से व्यापारिक संबंध स्थापित करने में मदद मिलेगी।
ईपीसीएच पदाधिकारियों ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग देश में रोजगार सृजन, कारीगरों की आजीविका और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण आधार है। निर्यातकों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने वाली योजनाएं भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि दिल्ली के निर्यातकों के लिए एमडीए ग्रांट जैसी योजना की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा और इस दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने निर्यात एवं व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त योजनाओं पर विचार करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
विदेशी खरीदारों की सुगम आवाजाही पर भी चर्चा
बैठक में आगामी आईएचजीएफ दिल्ली फेयर के दौरान विदेशी खरीदारों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और अन्य आगंतुकों की सुगम आवाजाही का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ईपीसीएच प्रतिनिधियों ने दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, ताकि देश-विदेश से मेले में आने वाले खरीदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और सभी स्थानों पर आवागमन सुचारु रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सरकार आवश्यक ध्यान दे रही है।
ईपीसीएच पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों की सफलता के लिए विदेशी खरीदारों को सुरक्षित, सहज और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इससे भारतीय हस्तशिल्प की सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत होने के साथ ही विदेशी खरीदारों का भारत के प्रति विश्वास बढ़ता है और व्यापारिक संबंधों के विस्तार के अवसर भी बढ़ते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार के सहयोग से निर्यातकों के हित में प्रभावी योजनाओं को आगे बढ़ाने और हस्तशिल्प निर्यात को नई गति देने में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा आईएचजीएफ दिल्ली फेयर का निमंत्रण स्वीकार किए जाने और एमडीए ग्रांट संबंधी प्रस्ताव पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने को निर्यातक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






