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105 देशों से पहुंचे खरीदार, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर में 3600 करोड़ की कारोबारी पूछताछ

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पांच दिवसीय 62वां आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम संपन्न, 7350 खरीदारों व खरीद प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

(उत्तर केसरी संवाददाता)
ग्रेटर नोएडा, 17 अक्टूबर। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 का शनिवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। पांच दिवसीय मेले में 105 देशों से करीब 7,350 अंतरराष्ट्रीय खरीदार, खरीद प्रतिनिधि और घरेलू बड़े खरीदार पहुंचे। मेले में लगभग 3,600 करोड़ रुपये की कारोबारी पूछताछ प्राप्त हुई। होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग, फर्नीचर, उपहार एवं इंटीरियर उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला ने विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया।

समापन समारोह में सर्वश्रेष्ठ स्टैंड डिजाइन एवं प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में अजय शंकर मेमोरियल अवॉर्ड और पी.एन. सूरी मेमोरियल अवॉर्ड प्रदान किए गए। समारोह में ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, ईपीसीएच उपाध्यक्ष सागर मेहता, स्वागत समिति के उपाध्यक्ष प्रदीप मुछाला, राजेश कुमार जैन, सलमान आजम एवं आर.बी. लाहोटी, कार्यकारी निदेशक राजेश रावत सहित परिषद के पूर्व अध्यक्ष, प्रशासन समिति के सदस्य, विदेशी खरीदार, भारतीय खरीद प्रतिनिधि एवं प्रमुख निर्यातक मौजूद रहे।

मेले में 17 समर्पित हॉलों में 3,000 से अधिक प्रदर्शकों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। इसके अलावा इंडिया एक्सपो सेंटर के विभिन्न स्तरों पर स्थित प्रमुख निर्यातकों के करीब 900 स्थायी शोरूम भी खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शकों ने नए संग्रह, क्षेत्रीय शिल्प, आधुनिक डिजाइन और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार की बदलती मांग के अनुरूप अपनी क्षमता प्रदर्शित की।

मार्च 2027 का आयोजन और बेहतर बनाने की तैयारी

ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि ऑटम 2026 संस्करण प्रभावशाली रहा। प्रदर्शकों और पूरे हस्तशिल्प क्षेत्र ने उत्पादों एवं प्रस्तुति का स्तर बेहतर किया है। उन्होंने कहा कि मार्च 2027 में होने वाले अगले संस्करण को इससे भी उच्च स्तर पर ले जाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नियमित खरीदारों के साथ बड़ी संख्या में नए खरीदारों ने भी मेले में भाग लिया और भारतीय उत्पादों की विविधता तथा गुणवत्ता की सराहना की।

ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प अपनी सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखते हुए आधुनिक डिजाइन पहचान विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय खरीदार अपनी आपूर्ति शृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कुछ खरीदार अपनी कुल आयात खरीद का 40 से 80 प्रतिशत तक भारत से कर रहे हैं।

भारत से बढ़ रही सोर्सिंग

जर्मनी के नियमित खरीदार पीटर ज़ूर्न ने बताया कि वह पिछले 14 वर्षों से आईएचजीएफ दिल्ली फेयर में आ रहे हैं। उन्होंने नए संग्रह, विशिष्ट इंटीरियर सज्जा उत्पादों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ संबंध मजबूत करने के लिए मेले को महत्वपूर्ण बताया। अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए स्कॉट ने मेले के आकार और अनुभव की सराहना करते हुए बताया कि उनके आयात में भारत की हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत है।

अमेरिका की डीन ऐशले टी. लिन ने गृह सज्जा, वस्त्र, तकिया कवर, चादर और सजावटी उत्पादों में रुचि दिखाई। वहीं फ्रांस से पहली बार पहुंचीं एमिल ने मेले को नए आपूर्तिकर्ताओं और उत्पादों की तलाश का उपयोगी मंच बताया। उनकी रुचि टेबलवेयर, लकड़ी, लोहे के उत्पाद और फर्नीचर में रही।

कई प्रमुख हस्तियों ने किया मेले का दौरा

ईपीसीएच उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि मेले में कई गणमान्य व्यक्तियों ने प्रदर्शकों से मुलाकात कर उत्पाद नवाचार और बदलती वैश्विक बाजार प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सैयद जफ़र इस्लाम, केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की सचिव नीलम शामी राव, अतिरिक्त सचिव आरती कंवर, गुजरात सरकार की पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनैना तोमर, हस्तशिल्प विकास आयुक्त अमृत राज, सरकारी ई-मार्केटप्लेस के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत चव्हाण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार एन.जी. तथा खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक कुमार बाजपेयी शामिल रहे।

12 श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार

आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने कहा कि खरीदारों ने स्थापित निर्यातकों के साथ कारीगरों और नए उद्यमियों के उत्पादों में भी रुचि दिखाई। कई खरीदार ऑर्डर के साथ लौटे, जबकि कुछ के साथ व्यापारिक बातचीत अंतिम चरण में पहुंची।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि मेले में करीब 7,350 खरीदारों एवं खरीद प्रतिनिधियों ने भाग लिया और लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यावसायिक पूछताछ प्राप्त हुई। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, स्पेन, जापान, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत अनेक देशों के खरीदार पहुंचे।

उन्होंने बताया कि सर्वश्रेष्ठ स्टैंड डिजाइन एवं प्रदर्शन के लिए 12 श्रेणियों में अजय शंकर मेमोरियल अवॉर्ड प्रदान किए गए। इनमें लैंप एवं प्रकाश सज्जा, गृह वस्त्र एवं फर्निशिंग, फैशन आभूषण एवं सहायक सामग्री, सजावटी एवं कॉर्पोरेट उपहार, स्नानघर सामग्री, सुगंधित उत्पाद, हस्तनिर्मित कागज एवं उपहार पैकेजिंग, टिकाऊ उत्पाद आदि शामिल रहे। वहीं गृह उपयोगी एवं मेज सज्जा उत्पाद तथा फर्नीचर, फर्नीचर हार्डवेयर एवं गृह सज्जा सामग्री की श्रेणियों में पी.एन. सूरी मेमोरियल अवॉर्ड प्रदान किए गए।

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