Home उत्तर प्रदेश न्यूज आलमगीरपुर में एक माह से दहशत फैला रहा तेंदुआ पिंजरे में कैद

आलमगीरपुर में एक माह से दहशत फैला रहा तेंदुआ पिंजरे में कैद

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दहाड़ सुन खेतों पर पहुंचे ग्रामीण, तेंदुए को देखने उमड़ी भीड़; पुलिस ने सख्ती से हटाया


(उत्तर केसरी संवाददाता)
मुरादाबाद। आलमगीरपुर गांव में करीब एक माह से ग्रामीणों की नींद उड़ाने वाला तेंदुआ आखिरकार शुक्रवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने पिंजरे से तेंदुए की दहाड़ सुनी तो मौके पर पहुंचे। पिंजरे में तेंदुआ कैद देखकर देखते ही देखते आसपास के गांवों में खबर फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

सुबह पूर्व प्रधान शीशपाल सिंह, सरदार कुलदीप सिंह, जसवंत सिंह, धर्मवीर सिंह और शैलेंद्र प्रताप सिंह खेतों की ओर गए थे। कुलदीप सिंह के खेत के पास लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान मतीन चौहान को दी। सूचना पर रानीनांगल पुलिस चौकी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन दरोगा पीयूष जोशी, पीके सिंह और मदन सिंह ने टीम के साथ तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में लिया।

तेंदुए को देखने के लिए पिंजरे के आसपास भीड़ जुट गई। पुलिस और वनकर्मियों ने लोगों को दूर रहने की सलाह दी, लेकिन भीड़ नहीं हटी। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए चेतावनी देकर लोगों को वहां से हटाया।

एक माह से बना था दहशत का माहौल

ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब एक माह से गांव और आसपास के खेतों में तेंदुए की आवाजाही बनी हुई थी। कुत्तों और पशुओं पर हमले की घटनाओं से ग्रामीण भयभीत थे। नदी किनारे से होते हुए तेंदुआ कई बार आबादी के बीच तक पहुंच जाता था। रात में ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। खेतों में जाने वाले लोग समूह बनाकर और लाठी-डंडे लेकर निकलते थे। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही थी।

वन विभाग ने करीब 20 दिन पहले तेंदुए की गतिविधियों वाले स्थानों पर दो पिंजरे लगाए थे, जिनमें से एक में शुक्रवार सुबह तेंदुआ फंस गया। विभाग ने क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर 46 पिंजरे लगा रखे हैं। कैमरा ट्रैप और वनकर्मियों की गश्त के साथ ग्रामीणों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

अब तक तेंदुओं के हमलों में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत और एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ाकर तेंदुओं को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया है। वन क्षेत्राधिकारी रवि कुमार गंगवार ने ग्रामीणों से तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास न जाने, पीछा न करने और भीड़ न लगाने की अपील की है। उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी।।

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