ईपीसीएच पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात, यूपी के एमएसएमई मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह भी विशेष अतिथि के रूप में होंगे शामिल

(उत्तर केसरी संवाददाता)
ग्रेटर नोएडा। आगामी 13 से 17 अक्टूबर 2026 तक इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर (आईईएमएल), ग्रेटर नोएडा में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित किए जाने वाले आईएचजीएफF दिल्ली फेयर ऑटम-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। फेयर में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह को मुख्य अतिथि तथा उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
ईपीसीएच के महानिदेशक एवं आईईएमएल के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार, ईपीसीएच के चेयरमैन नीरज विनोद खन्ना, फेयर प्रेसिडेंट अवधेश अग्रवाल तथा ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर उन्हें फेयर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। केंद्रीय मंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए फेयर में शामिल होने की सहमति प्रदान की।
चौधरी भूपेन्द्र सिंह भी होंगे विशेष अतिथि

ईपीसीएच प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह को भी फेयर में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। उन्होंने भी आमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन में अपनी उपस्थिति की सहमति प्रदान की।
आईएचजीएफ फेयर हस्तशिल्प एवं संबंधित उत्पादों के निर्यात कारोबार से जुड़े प्रमुख आयोजनों में शामिल है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माता एवं निर्यातक अपने उत्पादों का प्रदर्शन करते हैं और विदेशी खरीदारों तथा कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ व्यापारिक संपर्क स्थापित करते हैं।
यूपी सरकार के मंत्रियों की भी रही उपस्थिति

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही तथा औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ की भी उपस्थिति रही। ईपीसीएच पदाधिकारियों ने फेयर की तैयारियों तथा आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस फेयर में हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े विभिन्न उत्पादों और भारतीय कारीगरों की कला एवं शिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन को लेकर ईपीसीएच की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।






