संघ, भाजपा और सरकार के वरिष्ठ नेता होंगे शामिल; संगठन-सरकार के तालमेल और कमजोर सीटों पर बनेगी कार्ययोजना
(उत्तर केसरी ब्यूरो)
मथुरा। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा 3 और 4 अक्टूबर को मथुरा में दो दिवसीय चिंतन बैठक करेगी। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में संगठन की स्थिति, चुनावी तैयारियों और जमीनी फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
बैठक में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल, विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति, बूथ स्तर की तैयारियों और सामाजिक समीकरणों पर मंथन किए जाने की जानकारी सामने आई है। पार्टी के लिए कमजोर माने जा रहे क्षेत्रों में विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर आगे की रणनीति तय करने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
संघ से भी फीडबैक लेने की तैयारी

बैठक को संघ और भाजपा के बीच समन्वय के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार संघ से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों और भाजपा संगठन के बीच प्रदेश की राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति को लेकर फीडबैक साझा किया जा सकता है। आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले और अरुण कुमार के शामिल होने की बात भी सामने आई है, हालांकि बैठक की पूरी प्रतिभागी सूची और विस्तृत एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यूजीसी नियम, युवाओं और विधायकों की स्थिति पर भी नजर

सूत्रों के हवाले से बैठक में यूजीसी के नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के एक हिस्से में पैदा हुए असंतोष, युवाओं के बीच बदलते राजनीतिक रुझान और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। यूजीसी के 2026 के नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश में भाजपा से जुड़े कुछ पदाधिकारियों समेत विभिन्न वर्गों की ओर से विरोध सामने आया था।
इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच बना रहे नए राजनीतिक विमर्श, स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं तथा कुछ विधानसभा क्षेत्रों में विधायकों के प्रति असंतोष जैसे मुद्दों पर भी संगठनात्मक स्तर पर समीक्षा किए जाने की संभावना है।
योगी के नेतृत्व और संगठन की एकजुटता पर जोर
बैठक का एक प्रमुख विषय संगठन में एकजुटता और सरकार-संगठन के बीच समन्वय रहेगा। पार्टी की ओर से आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर हाल में भी संगठनात्मक समीक्षा बैठकें की गई हैं।
कमजोर बूथों और विधानसभा क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां संगठन को मजबूत करने, दलित एवं पिछड़े वर्गों तक पहुंच बढ़ाने और स्थानीय कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।
सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी होगा प्रस्तुत
बैठक में प्रदेश सरकार के कार्यकाल और लोक कल्याण संकल्प पत्र के वादों की प्रगति का ब्यौरा भी प्रस्तुत किए जाने की जानकारी है। इसके साथ आगामी विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की रूपरेखा पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि 95 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे होने के आंकड़े की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे पार्टी/सरकार की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दावे के रूप में ही प्रकाशित करना उचित होगा।
भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह द्वारा मथुरा में तैयारियों का जायजा लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। दो दिवसीय बैठक के बाद पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर आगामी चुनाव को लेकर कई फैसलों और कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।







