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आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 का भव्य शुभारंभ

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केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने किया उद्घाटन
बोले- हस्तशिल्प निर्यात बढ़ाने को नए बाजार तलाशें और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाएं

अमेरिका-यूरोप समेत प्रमुख वैश्विक बाजारों से पहले दिन बड़ी संख्या में पहुंचे खरीदार, 17 हॉल में 3000 से अधिक प्रदर्शक

(उत्तर केसरी संवाददाता)
ग्रेटर नोएडा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से 13 से 17 अक्टूबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 का मंगलवार को केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने उद्घाटन किया। समारोह में भारत सरकार के विदेश राज्य मंत्री एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उद्घाटन के साथ ही मेले में अमेरिका और यूरोप सहित भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों से बड़ी संख्या में विदेशी खरीदार पहुंचे।

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मेले के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप की सराहना करते हुए ईपीसीएच को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईएचजीएफ दिल्ली मेला आज दुनिया भर के खरीदारों, डिजाइनरों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग मंच बन चुका है। उन्होंने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट को भी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजनों के लिए उभरते स्थल के रूप में सराहा।

एक अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखें

गिरिराज सिंह ने कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र को निर्यात बढ़ाने के लिए अपने काम का दायरा और व्यापक करना होगा। इसके लिए नए और उभरते बाजारों के साथ-साथ विशेष बाजारों में भी मजबूत उपस्थिति बनाने की जरूरत है। उन्होंने ईपीसीएच और हस्तशिल्प उद्योग से मिलकर एक अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।

उन्होंने पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों की संख्या बढ़ाने तथा युवा प्रतिभाओं को हस्तशिल्प, डिजाइन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवा उद्यमी स्थापित निर्यातकों के अनुभव से सीखकर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने पहली बार निर्यात करने वालों की हिस्सेदारी कम से कम 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।

जिलावार हो हस्तशिल्प और हथकरघा की मैपिंग

केंद्रीय मंत्री ने हस्तशिल्प क्षेत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मौजूदा क्राफ्ट क्लस्टरों के विकास, नए क्लस्टर तैयार करने और हस्तकरघा, हस्तशिल्प तथा वस्त्र क्षेत्र की जिलावार क्षमता की मैपिंग करने की बात कही। उन्होंने कारोबार बढ़ाने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने और उत्पादों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने में मदद के लिए सुविधा केंद्र स्थापित करने पर भी बल दिया।

उन्होंने ग्लोबल गिफ्ट और डेकोर बाजार की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के पास अपनी समृद्ध पारंपरिक कला, कारीगरी और रचनात्मक डिजाइन क्षमता के बल पर वैश्विक बाजार में मजबूत स्थान बनाने की पर्याप्त क्षमता है। उन्होंने डिजिटल मंचों के माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई।

ईयूडीआर अनुपालन एप्लीकेशन का शुभारंभ

इस अवसर पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने ईयूडीआर अनुपालन एप्लीकेशन का भी शुभारंभ किया। यह ईपीसीएच की पहल है, जिसका उद्देश्य लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पादों की कानूनी सोर्सिंग तथा आपूर्ति श्रृंखला में उनकी निगरानी सुनिश्चित करना है। एप्लीकेशन के माध्यम से लकड़ी की उत्पत्ति, परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला को ट्रैक करने में मदद मिलेगी, जिससे पारदर्शिता और जिम्मेदार व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

एक हॉल से शुरू हुआ सफर 3000 से अधिक प्रदर्शकों तक पहुंचा

विदेश राज्य मंत्री एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि आईएचजीएफ दिल्ली मेले की यात्रा एक हॉल से शुरू होकर आज करीब 3000 से अधिक प्रदर्शकों वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल व्यापार और आर्थिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही भारत की पारंपरिक शिल्पकला और कौशल के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में प्रदर्शकों के प्रयासों की सराहना की।

17 हॉल में 3000 से अधिक प्रदर्शक

इस संस्करण में होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग, फर्नीचर और इंटीरियर उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला के साथ 17 समर्पित हॉल में 3000 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त इंडिया एक्सपो सेंटर के विभिन्न स्तरों पर प्रमुख निर्यातकों के करीब 900 स्थायी शोरूम भी खरीदारों के लिए उपलब्ध हैं। इन शोरूम को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सोर्सिंग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक एवं इंडिया एक्सपो मार्ट के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शकों के लिए स्टॉल शुल्क 8,500 रुपये से घटाकर 2,500 रुपये किए जाने से पंजीकरण में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शकों को शुल्क में हुई बचत का इस्तेमाल खरीदारों की मेहमाननवाजी, उत्पादों और प्रदर्शन की गुणवत्ता तथा विदेशी आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए करने को कहा गया है।

ईपीसीएच अध्यक्ष ने जताया भरोसा

ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने मेले में आए सभी खरीदारों, प्रदर्शकों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रत्येक संस्करण भारतीय हस्तशिल्प के लिए नए व्यापारिक अवसर पैदा करता है। उन्होंने कहा कि मेला खरीदारों और निर्यातकों के बीच नए संबंध विकसित करने के साथ भारतीय शिल्प और उत्पादों को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने का काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में ईपीसीएच ने प्रमुख यूरोपीय मेलों में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संपर्क किया और उनमें से अनेक खरीदारों ने आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 में आने का निमंत्रण स्वीकार किया है।

बदलती पसंद के अनुरूप तैयार किए उत्पाद

ईपीसीएच उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा कि प्रदर्शकों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार के बदलते रुझानों और खरीदारों की पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्पाद डिजाइन और विकास पर विशेष मेहनत की है। उन्होंने पहले दिन बड़ी संख्या में खरीदारों के पहुंचने को मेले के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक संस्करण नए व्यापारिक अवसरों का माध्यम बन रहा है। इस बार भी उत्पादों की विविधता, खरीदार-विक्रेता संवाद और डिजाइन आधारित मूल्यवर्धित उत्पादों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

स्वागत समिति के उपाध्यक्ष प्रदीप मुछला ने कहा कि मेले में विदेशी खरीदारों, खरीद एजेंसियों, एजेंटों और घरेलू स्तर पर बड़ी मात्रा में खरीद करने वाले कारोबारियों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। पुराने कारोबारी संबंधों के साथ नए आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी की संभावनाएं भी बन रही हैं।

प्रियेश भंडारी ने कहा कि तीन दशक से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का विश्वास आईएचजीएफ दिल्ली मेले की सफलता का प्रमाण है। पहले दिन प्रदर्शनी हॉल में अच्छी भीड़ रही और खरीदारों तथा प्रदर्शकों के बीच कारोबारी बातचीत का सिलसिला चलता रहा।

अगले तीन दिनों में होंगे महत्वपूर्ण ज्ञान सत्र

मेले के दौरान अगले तीन दिनों में वैश्विक खरीदार रुझान-2027, उत्पादन एवं सोर्सिंग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एआई एवं ऑनलाइन दृश्यता से वैश्विक ऑर्डर तक की प्रक्रिया, ईयूडीआर अनुपालन एवं आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी, यूरोपीय पैकेजिंग नियम, भारत के मुक्त व्यापार समझौते तथा निर्यात संवर्धन मिशन जैसे विषयों पर ज्ञान सत्र आयोजित किए जाएंगे।

स्वागत समिति के उपाध्यक्ष आरबी लाहोटी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति के साथ आईएचजीएफ दिल्ली मेला निर्यातकों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने और नए बाजार खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेले में 100 से अधिक देशों के खरीदारों के साथ प्रमुख भारतीय खुदरा एवं ऑनलाइन ब्रांडों के प्रतिनिधि और घरेलू बड़े खरीदार भी भाग लेंगे।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने कहा कि इस संस्करण में वैश्विक सोर्सिंग रुझानों और खरीदारों की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्पादों की विविधता, खरीदार-विक्रेता समन्वय और डिजाइन आधारित मूल्यवर्धित संग्रहों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

उद्घाटन समारोह में ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, मुख्य संरक्षक एवं इंडिया एक्सपो मार्ट के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, ईपीसीएच उपाध्यक्ष सागर मेहता, आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रदीप मुछाला, प्रियेश भंडारी, राजेश कुमार जैन, सलमान आजम, आरबी लाहोटी, ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत सहित प्रमुख विदेशी खरीदार, खरीद एजेंट और परिषद के सदस्य निर्यातक मौजूद रहे।

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