आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान और नियुक्ति की मांग

(उत्तर केसरी संवाददाता)
लखनऊ। 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान और नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बड़ी संख्या में भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर सीटी बजाकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने कहा कि सीटी बजाने का उद्देश्य शासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित नेताओं का ध्यान लंबे समय से लंबित उनकी मांगों की ओर आकर्षित करना है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से तत्काल वार्ता कराने और मामले का समाधान करने की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे एक सितंबर 2026 से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालय पर पुलिस प्रशासन ने उनके साथ बलपूर्वक कार्रवाई की। उनका दावा है कि कई अभ्यर्थियों को खींचकर बसों में बैठाया गया और बाद में ईको गार्डन भेज दिया गया। अभ्यर्थियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग
आंदोलनरत अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी आदेश का अनुपालन किया जाए। अभ्यर्थियों के अनुसार, आयोग के आदेश में ओबीसी वर्ग को आरक्षित श्रेणी का लाभ देते हुए 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर परिणाम में संशोधन कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने की मांग का आधार बताया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शासन को आयोग के आदेश के संबंध में तत्काल निर्णय लेना चाहिए तथा संशोधित परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सारिणी जारी करनी चाहिए। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से विवाद के कारण प्रभावित है, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।
पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को ईको गार्डन भेजा, जारी रहेगा धरना
धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी और अखिल कुमार सहित अन्य अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन के विरोध में नहीं है, बल्कि वे अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का स्वयं संज्ञान लेने, अभ्यर्थियों से वार्ता करने तथा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट कार्यक्रम जारी नहीं किया जाता, तब तक ईको गार्डन में उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से “सीटी बजाकर जगाने” का अभियान जारी रखा जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने शासन से मांग की कि 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी मामले में वार्ता, आयोग के आदेश के अनुपालन, संशोधित परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्णय लेते हुए समयबद्ध कार्यक्रम घोषित किया जाए।







