जिला अस्पताल में व्यवस्था बदली, दवा लेने के लिए मरीज के साथ परिवार के सदस्य का होना जरूरी
(उत्तर केसरी संवाददाता)
मुरादाबाद। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मंडल स्तरीय जिला अस्पताल में संचालित मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में उपचार के लिए आने वाले मानसिक रोगियों को अब एक बार में 15 दिन की दवा नहीं दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत मरीजों को एक बार में अधिकतम सात दिन की दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि मरीजों को एक साथ 15 दिन की दवा देने से उसके दुरुपयोग की आशंका रहती है। इसके अलावा मरीज की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी के आधार पर अगली दवा देना अधिक उचित माना गया है। इसी को देखते हुए दवा वितरण की अवधि घटाकर सात दिन कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि मानसिक रोग से पीड़ित मरीज को दवा लेने के लिए अस्पताल आने पर उसके साथ परिवार के किसी सदस्य का मौजूद रहना आवश्यक होगा। इससे मरीज की स्थिति और उपचार की निरंतर निगरानी में भी मदद मिलेगी।






