स्वामी चिदानंद सरस्वती ने दी खिलाड़ियों को बधाई

(उत्तर केसरी संवाददाता)
ऋषिकेश। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और देश के लिए पदक जीतने पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की ओर से सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। खेल मैदान से लेकर निशानेबाजी और जल क्रीड़ा तक भारतीय खिलाड़ियों ने अपने परिश्रम, अनुशासन, साहस और संकल्प से देश का गौरव बढ़ाया है। इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आज की गंगा आरती भारतीय खिलाड़ियों और देश की युवा शक्ति को समर्पित की।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लेकर खड़ा होता है तो उसके साथ करोड़ों भारतीयों की आशा, प्रार्थना और गौरव भी खड़ा होता है। खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं पर विजय प्राप्त करने की साधना है। खिलाड़ियों की एकाग्रता, अनुशासन, तप, त्याग और निरंतर अभ्यास युवाओं को असंभव को संभव बनाने की प्रेरणा देते हैं।
गंगा आरती भारत के पदक विजेताओं को की समर्पित

उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय तिरंगे की ऊंचाई के पीछे खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत और साधना है। आज की गंगा आरती उन सभी भारतीय खिलाड़ियों को समर्पित है, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने मां गंगा से सभी खिलाड़ियों के स्वस्थ रहने, निरंतर आगे बढ़ने और अपनी उपलब्धियों से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहने की प्रार्थना की।
शूटिंग में परिनाज और अनंतजीत ने जीता कांस्य
शूटिंग के स्कीट मिश्रित टीम मुकाबले में परिनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह नरूका ने कांस्य पदक जीतकर भारत के पदक अभियान में एक और उपलब्धि जोड़ी। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 44 अंक हासिल कर पोडियम स्थान प्राप्त किया। परमार्थ निकेतन की ओर से दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा गया कि लक्ष्य पर केंद्रित दृष्टि और मन की एकाग्रता सफलता की आधारशिला है। उनका प्रदर्शन देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
रोशिबिना देवी ने जीता रजत
भारत की नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिला 60 किलोग्राम सांडा स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। यह उनकी लगातार तीसरी एशियन गेम्स पदक उपलब्धि है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सच्चा योद्धा वही है, जो हर परिस्थिति में अपने संकल्प को जीवित रखता है। उनकी खेल यात्रा साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास की प्रेरक कहानी है।
रोइंग में सतनाम और सलमान ने दिलाया कांस्य
रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स मुकाबले में सतनाम सिंह और सलमान खान ने कांस्य पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। दोनों खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में भारत को एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाया। स्वामी जी ने कहा कि जल पर उनकी गति और लय केवल खेल की सफलता नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि जब दो संकल्प एक दिशा, एक लय और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं तो विजय का मार्ग बनता है।
खेल चरित्र और राष्ट्र निर्माण की साधना

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी आज दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि देश की युवा शक्ति में सामर्थ्य, संस्कार और संकल्प तीनों हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की साधना भी हैं। मैदान पर खिलाड़ी जिस अनुशासन, धैर्य और आत्मसंयम का परिचय देते हैं, वही गुण जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की नींव बनते हैं।
उन्होंने अभिभावकों और युवाओं से आह्वान किया कि बच्चों को केवल परीक्षा और करियर तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें खेल, योग, ध्यान, सेवा और संस्कार से भी जोड़ें। स्वस्थ शरीर, शांत मन और मजबूत चरित्र ही सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार हैं।
परमार्थ निकेतन की ओर से मां गंगा के पावन तट से प्रार्थना की गई कि भारत का तिरंगा विश्व के हर खेल मैदान में गौरव के साथ लहराता रहे, भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को नई ऊंचाइयां मिलें और उनकी उपलब्धियों से देश के करोड़ों युवाओं में स्वस्थ जीवन, अनुशासन, खेल भावना और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा जागृत हो।







