मुरादाबाद। उत्तराखंड की सीमा से सटे मुरादाबाद के इलाकों में पिछले करीब 12 दिनों से तेंदुओं की दहशत बनी हुई है। इस दौरान तेंदुए सात लोगों पर हमला कर चुके हैं। इनमें एक महिला की तेंदुए के हमले में मौत हो गई, जबकि डिलारी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम दो युवकों पर हुए हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रही घटनाओं से उत्तराखंड सीमा से सटे करीब 50 गांवों के ग्रामीणों में भय का माहौल है।
वन विभाग की टीम अब तक दो तेंदुओं को पिंजड़े में कैद कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियां जारी हैं। इससे ग्रामीणों में आशंका है कि इलाके में एक से अधिक तेंदुए सक्रिय हो सकते हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने वन विभाग की टीम को तेंदुओं को पकड़ने के प्रयास और तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उत्तराखंड सीमा से सटे सभी तेंदुआ प्रभावित गांवों में लगातार मुनादी कराने और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक करने का निर्णय लिया गया है।
तेंदुए के हमलों का सिलसिला तीन अगस्त को ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के गांव लालापुर पीपलसाना से सामने आया था। यहां जंगल में घास काटने गई महिला संतोष देवी पर तेंदुए ने पीछे से हमला कर दिया। तेंदुआ उन्हें गर्दन से दबोचकर गन्ने के खेत में खींच ले गया। गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वन विभाग की टीम ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए लालापुर-पीपलसाना सहित आसपास के क्षेत्रों में पिंजड़े लगाए थे। सोमवार, 10 अगस्त को तड़के करीब चार बजे लालापुर-पीपलसाना क्षेत्र में लगाए गए पिंजड़े में एक नर तेंदुआ फंस गया। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
इसके अगले दिन मंगलवार, 11 अगस्त को सुबह करीब पांच बजे लालापुर के पास बहापुर बलिया गांव में लगाए गए पिंजड़े में दूसरा तेंदुआ फंस गया। बताया जा रहा है कि यह तेंदुए का शावक है। दो तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली, लेकिन डिलारी में दो युवकों पर हुए हमले ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच वन विभाग के सामने क्षेत्र में सक्रिय अन्य तेंदुओं की पहचान कर उन्हें पकड़ने की चुनौती बनी हुई है।











