गोंडा। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी होने के बाद पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भावुक होकर अपनी बात रखी। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने खुद को ‘रेपिस्ट’ कहे जाने का दर्द बयां करते हुए कहा, “मुझे रेपिस्ट कहा गया। इससे अच्छा तो गोली मार देते।”
बृजभूषण शरण सिंह ने पूरे मामले को साजिश करार देते हुए कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गई और इसकी बाकायदा रिहर्सल भी हुई। हालांकि, उनके इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पूर्व सांसद ने कहा कि तीन वर्षों तक उन पर गंभीर आरोपों का बोझ रहा, लेकिन उन्होंने अदालत में अपनी लड़ाई जारी रखी। उनका कहना था कि अब वह बेदाग होकर बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि मामला केवल उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे देश और दुनिया के खेल जगत की छवि भी प्रभावित हुई।
उन्होंने दावा किया कि ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन महिला खिलाड़ियों के खुद को पीड़ित बताए जाने से दुनियाभर की महिला खिलाड़ियों और उनके परिवारों में चिंता पैदा हुई। उनके मुताबिक, अदालत के फैसले के बाद अब स्थिति स्पष्ट हुई है और उनके खिलाफ बनाई गई धारणा पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई और रिहर्सल हुआ
बृजभूषण शरण सिंह ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पूरा षड्यंत्र रचा गया था। उन्होंने कहा, “पहले दिन जो कहा था, आज वही कोर्ट ने साबित कर दिया कि मेरे खिलाफ षड्यंत्र था। पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई, रिहर्सल हुआ।”
उन्होंने दावा किया कि अदालत में दो पीड़ितों के बयानों ने मामले की कई परतें खोल दीं। उनके मुताबिक, तत्कालीन न्यायाधीश ने बंद कमरे में दोनों के बयान दर्ज किए और यह भी पूछा कि कहीं उन्हें धमकाया, डराया या किसी के प्रभाव में तो नहीं लिया गया है।
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि हरियाणा के एक अखाड़े से जुड़े लोगों ने पहलवानों और उनके परिजनों को बुलाकर कथित तौर पर लालच दिया। उन्होंने दावा किया कि किसी को डिप्टी एसपी और किसी को इंस्पेक्टर बनाने का वादा किया गया तथा पैसे देने की बात भी कही गई। बृजभूषण के मुताबिक, बाद में कुछ बच्चों को लगा कि उनके साथ मजाक किया जा रहा है और उनमें से दो ने कथित तौर पर अदालत के सामने पूरी बात रख दी।
उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में दर्जनों अखाड़े हैं, लेकिन आरोप लगाने वालों में एक ही परिवार और एक ही अखाड़े से जुड़े लोगों की प्रमुख भूमिका रही।
जिस सदन से बेइज्जत होकर आया, उसमें साफ-सुथरा होकर जाना चाहता हूं
2029 के लोकसभा चुनाव और राजनीति में अपनी अगली भूमिका के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने समर्थकों की भीड़ को अपना दबदबा मानने से इनकार करते हुए इसे जनता का प्यार और सम्मान बताया।
उन्होंने कहा कि वह 55 वर्षों से जनता और उनकी समस्याओं से जुड़े रहे हैं। उनका दावा है कि दो दिनों के भीतर प्रदेश के लगभग हर जिले से लोग उनके समर्थन में पहुंचे।
पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें षड्यंत्र के जरिए संसद से हटाया गया और इसी वजह से उनके मन में इच्छा है कि “जिस सदन से मैं बेइज्जत होकर आया, उस सदन में एक बार साफ-सुथरा होकर जाऊं।” हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि 2029 में चुनाव लड़ने का अंतिम फैसला पार्टी करेगी।












