रामपुर (उत्तर केसरी) – समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव बुधवार को रामपुर पहुंचे। यहां उन्होंने जिला कारागार में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। जेल में दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए शिवपाल यादव और आजम खान की इस मुलाकात को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बुधवार सुबह करीब 10:45 बजे शिवपाल यादव जिला कारागार पहुंचे। जेल के बाहर सपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। करीब एक घंटे तक आजम खान से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव जेल रोड स्थित आजम खान के आवास पहुंचे। वहां उन्होंने आजम खान की पत्नी एवं पूर्व सांसद तजीन फातिमा और उनके बड़े बेटे अदीब आजम से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
आजम खान के आवास पर करीब एक घंटा बिताने के बाद शिवपाल यादव सीधे जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति जहीरूद्दीन और छात्रों से बातचीत की तथा उनका हौसला बढ़ाया। शिवपाल ने मीडिया के सामने आजम खान से हुई बातचीत का विवरण साझा नहीं किया, लेकिन जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
शिवपाल यादव के दौरे को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों और दौरे की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विश्वविद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
शिवपाल यादव के हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान रामपुर से सपा सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी की गैरमौजूदगी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। बताया जा रहा है कि आजम खान और उनके समर्थकों के साथ मतभेदों के चलते सांसद नदवी इन दिनों रामपुर की राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए हुए हैं।
कुछ समय पहले सांसद नदवी के जौहर विश्वविद्यालय पहुंचने पर कथित तौर पर उनके लिए विश्वविद्यालय का गेट नहीं खोले जाने की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद से उनके विधायक और सांसद प्रतिनिधिमंडल के दौरों से दूरी बनाए रखने को लेकर तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं।
इधर, सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर और नगराध्यक्ष आसिम राजा ने जिला कार्यालय पर शिवपाल यादव का जोरदार स्वागत किया। शिवपाल के रामपुर दौरे ने पार्टी के भीतर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।










